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रक्षा बंधन समय निर्णय 07-08-17

“निर्णय सिंधु” के परिच्छेद २ में लिखा हुआ है कि
“इदं रक्षाबंधनं नियतकालत्वात्
भद्रावर्ज्य ग्रहणदिनेपि कार्यं होलिकावत् । ग्रहणसंक्रांत्यादौ रक्षानिषेधाभावात् ।”

अर्थात्

रक्षाबंधन नियत काल में होने से भद्रा को छोड़ कर ग्रहण के दिन भी होली के समान ही करना चाहिए।
ग्रहण का सूतक अनियतकाल के कर्मों में लगता है जबकि राखी श्रावण शुक्ल पूर्णिमा को ही मनाया जाता है।

रक्षा बंधन नियत कर्म होने के कारण इसको ग्रहण का सूतक दोष नहीं लगता है।

रक्षाबंधन 7 अगस्त को 10:30 के बाद पूरे दिन कर सकते हैं।

Raksha Bandhan 2017
Raksha Bandhan 2017

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