रक्षा बंधन समय निर्णय 07-08-17

रक्षा बंधन समय निर्णय 07-08-17 "निर्णय सिंधु" के परिच्छेद २ में लिखा हुआ है कि "इदं रक्षाबंधनं नियतकालत्वात् भद्रावर्ज्य ग्रहणदिनेपि कार्यं होलिकावत् । ग्रहणसंक्रांत्यादौ रक्षानिषेधाभावात् ।" अर्थात् रक्षाबंधन नियत काल में होने से भद्रा को छोड़ कर ग्रहण के दिन भी होली के समान ही करना चाहिए। ग्रहण का सूतक अनियतकाल के कर्मों में लगता है जबकि राखी श्रावण शुक्ल पूर्णिमा को ही मनाया जाता है। रक्षा बंधन नियत कर्म होने के कारण इसको ग्रहण का सूतक दोष नहीं लगता है। रक्षाबंधन 7 अगस्त को 10:30 के बाद पूरे दिन कर सकते हैं। [caption id="attachment_89" align="alignnone" width="851"] Raksha Bandhan 2017[/caption]
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ज्योतिर्वेद विज्ञान संस्थान के द्वारा अंतरराष्ट्रीय योगदिवस

ज्योतिर्वेद विज्ञान संस्थान के द्वारा अंतरराष्ट्रीय योगदिवस के उपलक्ष्य में आहूत योग शिविर पण्डित हृदय नारायण झा योगविशेषज्ञ के सानिध्य में दीप , झंझारपुर , मुधुबनी । उद्घाटन श्रीमती वेवी कुमारी चौधरी , मुखिया ग्रामपंचायत दीप , मुधुबनी विहार के करकमलो द्वारा 21 । 06। 2017 को सम्पादित हुआ ।
ग्रामीण जन योगाभ्यास करते हुए ।।

आज के दिन ज्योतिष शास्त्र की दशा और दिशा बदल रही है।
बहुत सारे मनमाने कपोल कल्पित योग का सृजन आज के आधुनिक ज्योतिर्विद लोग कर रहे है जो शास्त्रोचित नहीं है।
भय दिखाकर धन कमाना क्या धर्मशास्त्रोचित् है??

 

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जाने काल सर्प का राज़

आज कई लोग दूरभाष के द्वारा पूछ रहे थे , क्या सावन के महीने में ""काल सर्प "" योग की शान्ति करवा सकते है। जब की इस योग का आधार ज्योतिष शास्त्र के प्रामाण्य ग्रंथो में कही उदृत नहीं है। न ही कशी , मिथिला और देश के अन्य संस्कृत विस्वविद्यालयो में ज्योतिष विभाग में इस योग के ऊपर चर्चा होती है। न प्राचीन त्रिस्कंध ज्योतिष के पूर्वाचार्य लोग किसी के आजीवन कुंडली निर्माण किये है उसमे वर्णित किये है। मैंने भारत वर्ष के कई ज्योतिष के मूर्धन्य विद्वान गुरुजनो से""काल सर्प योग"" के बारे में जिज्ञासा की तो कोई प्रमाण परम्परागत नहीं प्राप्त हुआ। कई पूर्वा चार्यो के ग्रन्थ…
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आपकी राशि

मेष राशि चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो, आ वृष राशि ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो मिथुन का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, ह कर्क-ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो सिंह मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे कन्या ढो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो तुला रा, री, रू, रे, रो, ता, ती, तू, ते वृश्चिक तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू धनु ये, यो, भा, भी, भू, धा, फा, ढा, भे मकर भो, जा, जी, खी, खू, खे, खो, गा, गी कुंभ - गू, गे, गो, सा, सी, सू, से,…
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